प्रभु आप जगो परमात्म् जगो, मेरे सर्व जगो सर्वन्न जगो ! दुखान्त् खेल का अन्त करो, सुखान्त् खेल प्रकाष करो !       
 
 Mission & Vision


‘‘सच्चा बाबा का मिशन’’


 सच्चा बाबा गिरनारी के मिशन कार्य के तीन पहलू उनके जीवन में देखने को मिलते है। पहला गऊ की सेवा उसका संरक्षण और सम्बर्धन। दूसरा वेद को उचित स्थान दिलाकर वेद रहस्यों को प्रकाशित करना। तथा ब्राह्मण जाति को उसके लोभ से ऊपर उठा कर उसको समाज में उचित स्थान दिलाना। यह भी सुना जाता है कि बाबा अपने योग बल से किसी भी लोक के देव, देवी, योगी, यति, को सूक्ष्म रूप से सम्पर्क बनाकर उनका मन्तव्य लेते और देते थे। जिसे बाबा के दरबार उर्फ फकीरी पार्लियामेन्ट आदि के नाम से जाना गया है।


 उत्तरोत्तर सूक्ष्म शक्तियों से उनका संबन्ध तथा उनका कार्य का अनुमान सही-सही लगता तो सम्भव नहीं है। परन्तु यह कहते सुना गया है कि पृथ्वी लोक पर एक नयी व्यवस्था बनाने के लिए ही उनका अवतरण हुआ, ऐसा माना जाता है।


 सूक्ष्म ब्रह्मर्षि, देवता और उच्चतर लोक की सभी विशिष्ट आत्माओं का ध्यान जब पृथ्वीलोक (मृत्युलोक) की ओर गया और यह महसूस हुआ कि महामाया के अन्तर्गत पृथ्वी लोक के व्यवस्था में कुछ गड़बड़ है। कहीं न कहीं महामया (अज्ञान की शक्ति) अपना वर्चस्व जीव पर बनाकर उनका उद्धार बहुत ही सीमित मात्रा में करती है। बहुत बार गोष्ठी और परिचर्चा के बाद बाबा को यह आग्रह किया गया कि वे स्वयं मृत्युलोक (पृथ्वीलोक) में आकर जीव-जगत के कल्याण के लिए कार्यशील हों। तब सभी ने उन्हें मदद करने का भी आश्वासन दिया। बाबा ने यह चुनौती स्वीकार कर एक शर्त रखी। शर्त यह थी कि वे पृथ्वी लोक में एक शरीर का आश्रय लेकर कार्य करेंगे, परन्तु सभी उच्चतर शक्तियों को उनके द्वारा कार्य में सहयोग करने के लिए स्थूल भाव में पृथ्वी लोक पर कार्य करना पड़ेगा। जीव जगत में यह सम्पर्क भी जन्म-मरण के बन्धन से मुक्त होगा। अर्थात् वे लोग भी भाव देह, सुरभ देह आदि के द्वारा ही पृथिवी लोक में एक जीवित शरीर में आश्रय लेकर बाबा के आस-पास सहयोग करेंगे। पूर्ण सहमति को ध्यान में रखते हुए सच्चा तत्व मृत्यु लोक में एक शरीर में प्रवेश करके कार्य करने लगा। यह शरीर लगभग 300 वर्षों तक पृथ्वी-लोक में कार्य करता रहा।

 

 

User Login

Email-ID:
 
Password:
 
 
   

 New User? Signup

 Download Font

Useful Links

  © copyright  Sant Sachcha Baba
Site Designed & Developed by
MegaHostingWeb.com